01 टिप्पणियाँ 09 सितम्बर 2016

सेना के अपने संरक्षण में शिक्षा संस्थानों में "सस्ती कीमत पर गुणवत्ता की शिक्षा" की दृष्टि के अनुरूप आधुनिक सुविधाओं के साथ देहरादून में छात्रावास को स्थानांतरित करने का विचार 2011 में ले० जनरल शरत चंन्द के द्वारा नियोजित किया गया था जिसे कि गढ़वाल की जनता द्वारा पूरा समर्थन मिला छात्रावास के लिए 4.18 एक्क़ड़ भूमि उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री मेजर जनरल बी. सी. खण्डूरी (सेवानिवृत्त) द्वारा मदद के स्वरूप दी गयी | छात्रावास का भूमि पूजन रेजिमेंट के कर्नल ऑफ़ दी रेजीमेंट ले० जनरल शरत चंद, यू. वाई. एस. एम., ए. वी. एस. एम., वी. एस. एम. के द्वारा 09 सितम्बर 2016 को किया गया था |

02 टिप्पणियाँ 18 मार्च 2018

छात्रावास का उदघाटन एक भव्य समारोह में दिनॉंक 18 मार्च 2018 को उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के द्वारा किया गया | इस अवसर पर थल सेनाध्यक्ष् जनरल बिपिन रावत, लोक सभा सदस्य मेजर जनरल बी. सी. खंडूरी (सेवानिवृत) सहित भारतीय सेना और उत्तराखंड के नागरिक प्रसासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे | साथ ही कारपरेट कम्पनियों के अधिकारी जिन्होने छात्रावास के निर्माण कार्य में योगदान दिया वे भी उपस्थित थे |

03 टिप्पणियाँ 18 मार्च 2018

लंबे इंतजार के बाद देहरादून के डांडा लाखोंड में गढ़वाल राइफल्स वार मेमोरियल ब्वाइज एंड गर्ल्स हॉस्टल को तैयार किया गया है और इसका उदघाटन उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के द्वारा किया गया | इस अवसर पर थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत लोक सभा सदस्य मेजर जनरल बी. सी. खंडूरी (सेवानिवृत) सहित भारतीय सेना और उत्तराखंड के नागरिक प्रसासन के कई वरिष्ठ अधिकारीे, साथ ही कारपरेट कम्पनीयों के अधिकारी जिन्होने छात्रावास के निर्माण कार्य में योगदान दिया और इसी के साथ देहरादून से सेवानिवृत और कई गणमान्य व्यक्ति भी उपस्तिथ थे |समारोह की शुरुवात माननीय मुख्यमंत्री और उप थलसेना अध्यक्ष ले० जनरल शरत चंद, यू. वाई. एस. एम., ए. वी. एस. एम., वी. एस. एम. कर्नल ऑफ दी रेजिमेंट गढ़वाल राईफल्स और गढ़वाल स्काउटस के भाषण के साथ प्रारम्भ किया गया | रेजिमेंट के सभी रैंको के बच्चों को अधुनिक शिक्षा और समान स्तर देने के लिए इसे देहरादून स्थानान्तरित करने की आवश्कता को महसूस किया गया| उत्तराखंड राज्य सरकार द्वारा 2011 में मदद के रूप में दी गयी 4.18 एक्क़ड जमीन पर इस छात्रावास का निर्माण किया गया है | उत्तराखंड सरकार, सेना के विभिन मुख्यालयों, कॉरपरेट कम्पनियों और रेजीमेंट के अधिकारियों ने भी छात्रावास के निर्माण में उदारतापूर्वक योगदान दिया है | छात्रावास में 5वीं कक्षा से 12वीं कक्षा तक के 125 लडकों और 125 लड़कियों के लिए अत्याधुनिक बोर्डिंग और ठहरने की सुविधा है साथ ही स्कूलों के लिए बस सुविधा चोबिसों घंटे सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा और मनोरंजन की सुविधा भी उपलब्ध है | इनडोर और आउटडोर खेल, व्यक्तित्व विकास कक्षायें, पूरी तरह से सुसज्जित पुस्तकालय, टयूशन सुविधा, कंप्यूटर लैब व्यवसायिक परीक्षाओं के लिए कोंचिग, कैरियर परामर्श सत्र और देहरादून के प्रतिष्ठित स्कूलों में प्रवेश में सहायता दी जाती है| हॉस्टल की फीस की सरंचना को शहीदों , वीर नारियों, सेवारत सैनिकों और सेवानिवृत सैनिकों के बच्चों के लिए शैक्षिक भत्ते और हॉस्टल अनुदानों को ध्यान में रखते हुए किया गया है |

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